चंडीगढ़ प्रशासक व पंजाब क़े राज्यपाल कटारिया ने 995 खिलाड़ियों को ₹3.80 करोड़ की छात्रवृत्ति प्रदान की
छात्रों क़े सम्मान समारोह मे अनेक गणमान्य हुऐ सम्मलित

चंडीगढ़…..पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ क़े टैगोर थिएटर में खेल विभाग द्वारा आयोजित ‘खिलाड़ी खेल सम्मान समारोह’ में 995 उभरते खिलाड़ियों को ₹3.80 करोड़ की छात्रवृत्ति प्रदान कर सम्मानित किया।
इसके तहत फर्स्ट, सेकंड और थर्ड स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः ₹48,000, ₹42,000 और ₹36,000 की छात्रवृत्ति दी गई। इसके अलावा, माहित संधू को उनकी असाधारण खेल उपलब्धियों के लिए ₹1.20 करोड़ का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस अवसर पर प्रशासक की सलाहकार परिषद की खेल स्थायी समिति के अध्यक्ष संजय टंडन, खेल सचिव प्रेरणा पूरी, खेल निदेशक सौरभ कुमार अरोड़ा, अतिरिक्त खेल निदेशक डॉ. अतुल ढाकने और संयुक्त खेल निदेशक डॉ. महिंदर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि यह छात्रवृत्तियां और पुरस्कार खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का सम्मान हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों (कोच) और उनके परिवारों के योगदान की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि नई खेल नीति, 2023 के तहत चंडीगढ़ में वार्षिक छात्रवृत्ति को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹48,000 कर दिया गया है। पिछले दो वर्षों में खिलाड़ियों को लगभग ₹32 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की गई है, जिसमें छात्रवृत्ति के रूप में ₹22.12 करोड़ और पुरस्कार राशि के रूप में ₹9.45 करोड़ शामिल हैं। इस नवीनतम वितरण के साथ, कुल छात्रवृत्ति सहायता लगभग ₹26 करोड़ तक पहुंच गई है।
प्रशासक ने कहा कि यह निरंतर सहयोग चंडीगढ़ के उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन में स्पष्ट झलकता है, जिससे दो वर्षों में शहर के पदकों की संख्या 297 से बढ़कर 488 से अधिक हो गई है। उन्होंने संजय और गुरजंट सिंह, काशवी गौतम, माहित संधू, इशरूप नारंग, एंजेल यादव, अमनदीप और प्राची सहित अन्य खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
प्रशासक ने कहा कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी का खेल से जुड़ा सपना अधूरा नहीं रहना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि खेल अनुशासन, टीम वर्क और जुझारूपन (रेज़िलिएंस) को बढ़ावा देते हैं और युवाओं की ऊर्जा को नशीली दवाओं और अन्य नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने में मदद करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों और गणमान्य व्यक्तियों को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई।
खेल पारिस्थितिकी तंत्र (स्पोर्ट्स इकोसिस्टम) को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने सेक्टर-42 में ₹200 करोड़ की लागत से एक नए खेल परिसर का प्रस्ताव रखा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का बहुउद्देशीय हॉल, ओलंपिक मानक का स्विमिंग पूल और 300 बिस्तरों वाला बालिका छात्रावास शामिल होगा। इसके अलावा सेक्टर-42 और सेक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम सहित मौजूदा सुविधाओं को भी आधुनिक बनाया जा रहा है।
प्रशासन ‘उड़ान-स्कूल वॉलीबॉल कार्यक्रम’ और ‘ओलंपिक वैल्यूज़ एजुकेशन प्रोग्राम’ (OVEP) जैसी पहलों के माध्यम से ज़मीनी स्तर (ग्रासरूट) पर खेल प्रतिभाओं को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।
खेलों को स्कूली जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान करते हुए कटारिया ने माता-पिता और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की प्रतिभा को केवल शैक्षणिक प्रदर्शन तक सीमित न रखकर उन्हें उनकी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य चंडीगढ़ को एक ऐसा स्पोर्ट्स हब बनाना है जहां हर प्रतिभावान बच्चे को अपनी क्षमताओं को साकार करने के लिए आवश्यक अवसर, मार्गदर्शन और सुविधाएं मिल सकें। सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “आप मैदान में पसीना बहाएं; आपके साथ खड़े रहना चंडीगढ़ प्रशासन की जिम्मेदारी है।”उन्होंने युवा खिलाड़ियों से अनुशासित रहने, असफलताओं से सीखने और भारत को दुनिया के अग्रणी खेल राष्ट्रों में से एक बनाने की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया।



